Success का Secret क्या है, जाने सद्गुरु से

ये आपके स्कूल में हुआ होगा, शायद बाद में कभी यूनिवर्सिटी में, या नौकरी के दौरान, ये लोगों के साथ हो रहा है शायद सबके साथ नहीं पर बहुत से लोगों के साथ, सक्सेस के लिए उनकी कमिटमेंट या प्रतिबद्धता कमज़ोर है| वो कामयाबी चाहते है वो तीन कदम चलेंगे, फिर यहां कुछ दिलचस्प हुआ तो इधर चले आएंगे, वहां चले जाएंगे, उधर जाएंगे अरे! मैं जीना चाहता हूं सक्सेस के लिए उनकी कमिटमेंट, कमजोर है या तो उनके आस-पास के हालात, किसी भी तरह से आप जो कर रहे हैं, हालात बहुत आसानी से आपको वो करने से रोक सकते हैं कई बार सबके साथ ऐसा होता है लेकिन जब ऐसा होता है तो लोग सक्सेस के लिए अपनी कमिटमेंट को कमज़ोर कर देते हैं| हो सकता है, कि शारीरिक रूप से वो थोड़ा कमज़ोर महसूस करें, वो सक्सेस के लिए अपनी कमिटमेंट को कमज़ोर कर देंगे, हो सकता है कि उनकी भावनाएं थोड़ी भटक जाएं| 

सफलता के लिए मजबूत कमिटमेंट जरूरी 

लोग सक्सेस के लिए अपनी कमिटमेंट को कमज़ोर कर देते हैं के लिए हमारी कमिटमेंट कम नहीं होनी चाहिए, चाहे सामाजिक नाटक चल रहा हो, या शारीरिक नाटक या मनोवैज्ञानिक नाटक, जो भी हो सक्सेस के लिए आपकी कमिटमेंट कम नहीं होनी चाहिए यही वो है जो आपको जीवन में इतनी सारी सीमाओं के कई सारी बाधाओं के पार ले जाता है। तो सक्सेस कैसी होती है? उसके लिए क्या चाहिए? आपको ये समझना चाहिए|

सफल और असफल व्यक्ति में अंतर 

Success का Secret क्या है 1

मैं किसी का भी व्यक्तिगत उदाहरण नहीं लेना चाहता मैं उन ज़ाहिर सी बातों को नज़र अंदाज़ करने की कोशिश कर रहा हूँ जो मेरे दिमाग में आ रही हैं आप जानते हैं, मैं ऐसे परिवार और दोस्तों को जानता हूं जो हमेशा अपना नाश्ता समय पर करते हैं और नाश्ते के बाद, बेशक उन्हें कॉफी पीनी है कॉफी के बाद, जल्दी से उन्हें एक सिगरेट जलानी है और फिर अच्छे से बैठते हैं क्योंकि, वो शांत होने की कोशिश कर रहे हैं और फिर, वो काम पर जाएंगे दोपहर के भोजन के लिए ठीक समय पर घर वापस आएंगे, दोपहर का भोजन करेंगे, एक या दो घंटे आराम करेंगे, सोएंगे शाम को फिर एक चाय और सिगरेट पीयेंगे और फिर दोबारा काम पर जाएंगे और 8 बजे, 8:30 बजे वो रात के खाने के लिए घर वापस आते हैं और फिर शायद और फिर शायद दूसरी चीजें, पीना वगैरा और जो भी हो, खैर ये उनकी प्राथमिकता है ये ठीक है मैं शिकायत नहीं कर रहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। लेकिन जो म्यूजिक, स्पोर्ट्स, आर्ट, बिज़नेस या आध्यात्मिक प्रक्रिया में बहुत सफल रहे हैं वो लोग कभी नहीं जानते कि वो कब खाते हैं, कब सोते हैं कब दोपहर का आराम करते हैं मैंने अपने जीवन में ऐसा कुछ नहीं देखा, तो वो लोग जो सफलता के लिए कमिटेड हैं चाहे वो जो भी करते हों उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू ये है कि जहाँ भी थोड़ा आराम हो, वो वहाँ रुक नही रहे, क्योंकि आराम तब ही होगा जब वो आपको कब्र में उतारेंगे, तब आप बहुत आराम में होंगे, क्या आपने देखा है, वो कितने आराम में हैं? एक बार जब वो मर जाते हैं, अगर आप उन्हें फेंक दें, तो भी वो आराम में हैं अगर आप उन्हें नीचे पटक दें, तो भी वो आराम में हैं भले ही आप उन्हें जला दें। 

इंसान की सबसे बड़ी समस्या 

अगर उन्होंने आपको असीमित समय दिया होता तो आप वो सब कर सकते थे, कुछ भी गलत नहीं है। मैं उनके खिलाफ नहीं हूं। लेकिन उन्होंने आपको इंसान होने की इतनी ज़बरदस्त क्षमता के साथ इतना कम समय दिया, यही तो समस्या है अगर प्रकृति ने आपको केचुए जैसा बनाया होता मैं ये नहीं कह रहा कि केंचुए में कुछ गलत है, बस इसमे एक ही तरह की क्षमता है ये सिर्फ उतना ही कर सकता है| एक केंचुआ पेड़ पर चढ़ने के बारे में नहीं सोचता क्योंकि वो जानता है, कि पक्षी उसे उठा लेंगे उसकी ऐसी इच्छाएँ कभी नहीं होतीं, ये सिर्फ पृथ्वी को रीसायकल करना चाहता है आप जानते हैं, ये हमारे साथ-साथ कई दूसरे जीवन के लिए फायदेमंद है लेकिन इसका मकसद बहुत साफ है, खाना, प्रजनन करना और मरना, बहुत साफ मकसद उस मकसद को पूरा करने कि वो कोशिश करता है वो मुझे नहीं लगता कि वो दोपहर में सोता है मुझे ऐसा नहीं लगता क्योंकि कई दोपहर मैंने केंचुए देखे हैं वो सभी जोरदार सक्रिय थे लेकिन एक इंसान बहुत सारी संभावनाओं के साथ आया है इसी वजह से एक इंसान को खुद को सक्सेसफुल मानने के लिए एक खास स्तर के प्रयास की ज़रूरत होती है 

सक्सेस या सफलता क्या है 

अगर आपकी सफलता की सोच ये है कि आप अपने पड़ोसी से थोड़ा बेहतर कर रहे हैं तो मैं इसे बीमारी कहता हूं ये सफलता नहीं है आप खुश हैं, आपका पड़ोसी आपसे बदतर है ये बीमारी है या सफलता? ये बीमारी है। पर, आप जो कर रहे हैं, उससे आप संतुष्ट हैं चलिए इसे ही अभी के लिए सक्सेस मानते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किसी से बेहतर हैं या किसी से खराब ये सवाल आपके दिमाग में आना ही नहीं चाहिए लेकिन किसी तरह, आपको लगता है कि आप अपने आप का पूरी तरह से उपयोग कर रहे हैं और, आपको अपने काम में एक खास संतुष्टि का भाव है पर अगर आप बस अपनी आँखें बंद करके बिना कोई काम किये सिर्फ बैठने में सक्षम हैं तो ये शानदार है लेकिन आप ऐसा नहीं कर सकते आप जिस स्थिति में अभी है, आप ऐसा नहीं कर सकते आप बस अपनी आंखें बंद करके स्थिर नहीं हो सकते व्यस्त होने के बजाय, आप बेचैन हो जाएंगे। यानी ये नहीं की आप सुधार कर रहे हैं पर ये कि आप किसी तरह से पिछड़ रहें हैं इस सफलता, के बारे में समस्या ये है कि लोग, हमेशा जजमेंट बनाते हैं मैंने ये किया, वो किया, शायद ये काम नहीं किया, शायद ये एक गलती है, वो एक गलती है जीवन में ऐसी कोई चीज़ नहीं है, आपको पता है चार्ल्स डार्विन ने कहा था कि आप सब बंदर थे एक समय आप बंदर थे, सिर्फ थोड़े ही समय पहले, क्या ये एक गलती थी जो आपने की थी, कि आप एक बंदर थे क्यूंकि आपका जन्म एक इंसान के रूप में हुआ है जिसकी सीमाएं दूसरे प्राणिओं की तरह पहले से तय नहीं होतीं दूसरे जीव अगर उनके भोजन का ध्यान रखा जाए, तो वो जानते हैं कि उन्हें अपने जीवन का क्या करना है क्यूंकि इंसान संभावनाओं की ऐसी, खुली समझ के साथ आया है आप बिना सीमाओं के आते हैं, निश्चित नहीं आते आपको खुद को ठीक करना होगा, अलग-अलग लोग आप पर अलग-अलग तरह की चीजें फेंकते हैं हर तरफ से, आपके माता-पिता, टीचर्स, स्कूल, पड़ोसी, और समाज, और दुनिया हर तरह की चीजें आप पर फेंकती है इस सारी गंदगी को इकट्ठा करना और खुद में से कुछ सार्थक बनाना यही आपका काम है वही आपकी सफलता है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई आपको काबिल समझता है या नहीं, आपको लगता है कि आप एक सार्थक जीवन में हैं अभी के लिए काफी अच्छा है दुनिया न पहचाने, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता पर, आप जानते हैं, कि आप काबिल हैं

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