नवरात्रि व्रत के दौरान उपासक के भोजन में आपको देसी गाय का घी जरूर देखने को मिल जाएगा

भारतीय परंपरा में देसी गाय के घी के बिना भोजन अधूरा माना जाता है

नवरात्रि महोत्सव के दौरान देवी दुर्गा की पूजा करते समय, देसी घी को महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह मां दुर्गा के प्रसाद के रूप में प्रयोग होता है।

धार्मिक महत्व:

देसी घी नवरात्रि व्रत के दौरान पौष्टिकता का महत्वपूर्ण स्रोत होता है। यह उपासकों को ऊर्जा प्रदान करता है और उनकी शारीरिक तथा मानसिक स्थिति को सुधारता है।

पौष्टिकता का स्रोत:

नवरात्रि में व्रत व्यक्तिगत तपस्या का प्रतीक होता है, और इसमें आहार में विशेष सवाधानी रखने की परंपरा है। देसी घी इस व्रत के नियमों का पालन करने में मदद करता है।

व्रत व्यवस्था का अनुसरण:

देसी घी में विटामिन ए और सी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है साथ ही साथ इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर मात्रा में होता है

देसी घी में विटामिन :

देसी घी के औषधिक गुणों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। यह व्रती उपासकों को पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है और शारीरिक समस्याओं से बचाव करने में सहायक होता है

औषधिक गुण :

इस नवरात्रि मां अपने भक्तों से मिलने हाथी पर सवार होकर आएंगे,  जाने  मां दुर्गा के वाहन का पता कैसे चलता है, जानकार हो जाएंगे हैरान