इस वर्ष शारदीय नवरात्रा 15 अक्टूबर को शुरु होगा और 24 अक्टूबर को  समापन होगा

चलिए करे माता के नौ रूपों का दुर्लभ दर्शन

शैलपुत्री: शैलपुत्री देवी दुर्गा के नौ रूप में पहले स्वरूप में जानी जाती हैं।

ब्रह्मचारिणी: ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा के नौ रूप में दूसरे स्वरूप में जानी जाती हैं।

चंद्रघंटा: ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा के नौ रूप में तीसरे स्वरूप में जानी जाती हैं।

कुष्मांडा: कुष्मांडा देवी दुर्गा के नौ रूप में चौथे स्वरूप में जानी जाती हैं।

स्कंद माता: स्कंद माता देवी दुर्गा के नौ रूप में पांचवें स्वरूप में जानी जाती हैं।

कात्यायनी: कात्यायनी देवी दुर्गा के नौ रूप में छठे स्वरूप में जानी जाती हैं।

कालरात्रि: कालरात्रि देवी दुर्गा के नौ रूप में सातवें स्वरूप में जानी जाती हैं।

महागौरी: महागौरी देवी दुर्गा के नौ रूप में आठवें स्वरूप में जानी जाती हैं।

सिद्धिदात्री: सिद्धिदात्री देवी दुर्गा के नौ रूप में नोवे स्वरूप में जानी जाती हैं।

और फिर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का विधान है.