uttarkashi Tunnel : सुरंग में फसे मजदूरों के लिए सरकार ने भेजें फोन और लूडो, अंधेरे में मजदूर कर रहे यह काम

uttarkashi Tunnel : उत्तर काशी की सुरंग में फसे मजदूरों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और ऐसे में अब मजदूरों को बचाने के लिए भारतीय सेना भी मैदान में उतर चुकी है बताया जा रहा है कि भारतीय सेना के मद्रास सेपर्स के जवान भी इस मिशन में शामिल हो गए हैं यह जवान अब कुछ सिविलियंस के साथ मिलकर मैनुअल ड्रिलिंग का काम शुरू करेंगे | इस वक्त उत्तराखंड की सुरंग में 41 मजदूर फसे हुए हैं उन्हें निकालने की जद्दोजहद जारी है और इसी वजह से इस बचाव अभियान के 15वें दिन नए सिरे से रणनीति पर काम शुरू किया गया है मद्रास सेपर्स के जवान भी इसी नई रणनीति का हिस्सा है ऐसा बताया जा रहा कि इसके लिए कुल 20 विशेष लोगों को बुलाया गया है वहीं बचाव कार्य के लिए प्लाज्मा कटर भी पहुंच चुका है और इससे कटाई का काम शुरू भी हो चुका है अगर शाम तक इन कटर्स के द्वारा अमेरिकन ऑगर मशीन को निकाल लिया गया तो अगले 12 से 14 घंटे में उसके बाद यह टनल का काम पूरा हो सकता है 

सेना ने सिविलियन के साथ शुरू किया काम 

वर्टिकल ड्रिलिंग से एक दिक्कत और भी हो सकती है इससे संभावनाएं हैं कि टनल के ऊपर प्रेशर बने और मलबे की वजह से उनकी पाइप टूट सकती है वहीं मैनुअल ड्रिलिंग करने के लिए भारतीय सेना को वहां उतार दिया गया है सिविलियन लोगों के साथ मिलकर सेना टनल के अंदर ही चूहा बोरिंग करेगी इस दौरान हाथों से और हथौड़ी से खोदने के बाद मिट्टी निकाली जाएगी और फिर ऑगर के ही प्लेटफार्म से पाइप को आगे धकेला जाएगा यह प्रोसेस काफी लंबा है मगर इसमें खदरा ना के बराबर है 

मजदूरों के लिए फोन और लूडो भेजे गए?

बचाव दल की टीमों में शामिल रेल विकास निगम लिमिटेड ने यह बताया है कि अब तक की खुदाई के दौरान किसी तरह के बड़े वाइब्रेशन का सामना नहीं हुआ यानी खुदाई में कोई रुकावट नहीं आई है जैसे ही 200 मिलीमीटर चौड़ा पाइप सुरंग में दाखिल होगा उसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 700 मिमी से लेकर 800 मिलीमीटर का चौड़ा पाइप इसी जगह पर अंदर डाला जाएगा | वहीं बताया तो यह भी जा रहा है कि भारतीय वायु सेना ने उत्तर काशी के सुरंग में फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए और उस प्रयास में तेजी लाने के लिए डीआरडीओ (DRDO) के उपकरण का इस्तेमाल किया वहीं फंसे हुए मजदूरों को टाइम पास करने और व्यस्त रखने के लिए लूडो ताश और शतरंज भेजे गए हैं मजदूरों को तनाव मुक्त रखने के लिए उन्हें योग करने की सलाह दी जा रही है सरकार मजदूरों तक फोन भेज रही है जिससे वह लैंडलाइन से अपने घर वालों से बात कर सके वही मोबाइल फोन भी पाइप के जरिए मजदूरों तक भेजे गए हैं ताकि वह अपना समय उसके जरिए काट सके और खुद को तनाव मुक्त रखने के लिए उसमें थोड़े बहुत गेम भी खेल सके |

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