Rajouri Encounter में देश ने खो दिए 4 वीर सपूत, किसी की होनी थी शादी, कोई पीछे छोड़ गया पूरा परिवार

जम्मू कश्मीर के Rajouri में बीते दिनों आतंकियों ने सेना की दो गाड़ियों पर हमला कर दिया, जिसमें चार जवान बलिदान हो गए. आतंकियों की इस कायराना हरकत के बाद बलिदानियों के पार्थिव शरीर उनके परिवार के पास रवाना कर दिए गए इस वारदात के बाद इनके परिवार से जुड़ी दिल तोड़ देने वाली कहानियां सामने आई हैं

Rajouri Encounter में देश ने खो दिए 4 वीर सपूत

Rajouri Encounter में देश के चार जवान बलिदान हो गए इनमें से किसी की जल्द ही शादी होने वाली थी तो कोई अपने पीछे हंसता खेलता परिवार छोड़ गया. बलिदानियों में कानपुर के सैनिक करण सिंह यादव भी शामिल हैं करण सिंह आखिरीबार अगस्त में अपने घर आए थे और उन्होंने फरवरी में अपने पिता से दोबारा घर आने का वादा किया था लेकिन उनके आने से पहले ही घर में बलिदानी की खबर पहुंच गई. कारण के अलावा उत्तराखंड के कोटद्वार के रहने वाले गौतम कुमार ने भी राजोरी में देश के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी. 28 साल के गौतम 16 दिसंबर को ही छुट्टी से वापस ड्यूटी पर गए थे, अगले साल 11 मार्च 2024 को उनकी शादी होनी थी. गौतम के बलिदान होने की खबर से घर में कोहराम मच गया. आतंकी हमले में नवादा के राइफल मैन चंदन कुमार भी शहीद हुए, घटना की सूचना मिलने के बाद घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है मुठभेड़ में राइफल मैन रवि कुमार राणा भी बलिदान हो गए जिनका अंतिम संस्कार जम्मूकश्मीर के किश्तवाड़ जिले में उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ किया गया. 26 साल के रवि 7 साल पहले सेना में शामिल हुए थे जल्दी ही उनकी शादी होने वाली थी देश आज इन चारों वीर सपूतों को नमन कर रहा है

Army ने जंगल में उतारे चॉपर, Drone और खोजी कुत्ते, अब नहीं बचेंगे आतंकी

21 दिसंबर को सेना के वाहनों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद जम्मू कश्मीर के Rajouri सेक्टर के वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तलाशी अभियान जारी है जंगल का चप्पा चप्पा खंगाला जा रहा है वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने संदेह के आधार पर वारदात स्थल के आसपास 30 से अधिक लोगों को हिरासत में ले कर पूछताछ शुरू कर दी है वही इसी बीच NIA की टीम मौके पर पहुंची और उसने सबूत जुटाने के साथ अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी हालांकि NIA को औपचारिक रूप से हमले की जांच का जिम्मा नहीं सौंपा गया है. वहीं चौपर, ड्रोन, कमांडो और खोजी कुत्ते आतंकी को मार गिराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. सेना ने चौपर और ड्रोन की मदद लेने के साथ खोजी कुत्ते भी उतार दिए हैं पैरा कमांडो को भी इस अभियान में शामिल कर लिया गया है हालांकि शुक्रवार देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली थी बता दें कि डेरा की गली और जंगल काफी घना है और 10 से 12 किमी तक फैला हुआ है इसके अंदर दाखिल होकर तलाशी लेने में कुछ दिन का समय भी लग सकता है फिलहाल सेना ने जंगल को चारों तरफ से घेर रखा है ताकि आतंकी भाग ना पाए और वही बता दें कि इस मुद भेड़ में चार जवान बलिदान व तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे इस हमले के बाद आतंकी डेरा की गली और घने जंगल में भाग निकले थे.

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