जाने मृत्यु के बाद क्यों रखा जाता है मुंह में तुलसी और गंगाजल

Tulsi and Gangajal : वैसे तो हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद कई सारी प्रक्रिया की जाती है, और हर प्रक्रिया के पीछे कुछ ना कुछ कारण तो होता ही है आज इस आर्टिकल में हम जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर क्यों किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके मुंह में तुलसी और गंगाजल रखा जाता है | 

tulsi

गंगाजल कभी सड़ता नहीं है : गंगाजल में बैक्टीरियोफेज नामक जीवाणु पाया जाता है और यही कारण है कि अधिक समय रखने पर भी गंगाजल सड़ता नहीं है, और अगर यह गंगाजल किसी को पिला दिया जाए तो यह जीवाणु उस व्यक्ति के शरीर में भी चला जाता है और शरीर के अंदर गंदगी और बीमारी फैलने वाले जीवाणु को खत्म कर देता है और यही कारण है कि इसे मृतक व्यक्ति के मुंह में रखा जाता है | 

प्राणवायु की प्रचुरता : गंगाजल में प्राण वायु की मात्रा बहुत अधिक होती है गंगा के पानी में वातावरण से ऑक्सीजन को सूखने की क्षमता बहुत अधिक है 

मोक्षदायिनी गंगा : हिंदू धर्म में सबसे पवित्र नदी गंगा को ही माना जाता है और गंगा को मोक्षदायिनी भी कहा गया है ऐसे में लोगों की मान्यता है कि अगर मृत्यु के समय मृतक के मुंह में अगर गंगाजल डाल दिया जाए तो उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है, गंगा एकमात्र नदी है जहां परअमृत कुंभ की बूंदे दो जगह गिरी थी |

सोने का टुकड़ा भी रखा जाता है : मृत्यु के समय मृतक के मुंह में तुलसी और गंगा जल के साथ सोने का टुकड़ा भी रखा जाता है, ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है |

 

तुलसी की अलौकिक क्षमता : अगर गंदे पानी में भी तुलसी का एक पत्ता डाल दिया जाए तो तुलसी का एक पत्ता भी उस गंदे पानी को शुद्ध कर देता है उसे साफ कर देता है, और इसीलिए कुछ लोगों का मानना है कि मृतक के मुंह में इसे रखने का एक मुख्य कारण है कि इससे व्यक्ति की शुद्धिकरण हो जाती है उसे अच्छा महसूस होता है |

तुलसी एक औषधि : वैसे तो हमारी धरती पर हजारों लाखों प्रकार की औषधियां मौजूद है, लेकिन तुलसी उन सभी औषधीय में सबसे उत्तम माना गया है ऐसी मान्यता है कि अगर मृतक के मुंह में तुलसी का एक पत्ता भी रख दिया जाए तो उसे प्राण त्यागने में कष्ट नहीं होता |

यमदूत आत्मा को नहीं सताते : मान्यता के अनुसार मृतक के मुंह में तुलसी और गंगाजल रखने से यमदूत मृतक की आत्मा को नहीं सताते हैं |

प्राण आसानी से निकल जाता है : मान्यता के अनुसार मृतक के मुंह में तुलसी और गंगाजल रखने से प्राण आसानी से निकल जाता है, और उसे किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं होती है |

भूखा प्यासा नहीं होना चाहिए : कुछ लोग यह भी मानते हैं कि मरने वाला व्यक्ति भूख नहीं होना चाहिए और यही कारण है कि उनके मुंह में तुलसी और गंगाजल रखा जाता है, भूख-प्यास व्यक्ति अतृप्त होकर मृत्युलोक में ही भटकता रहता है|

भगवान विष्णु को प्रिया है तुलसी : कुछ लोगों का यह भी मानना है की तुलसी भगवान विष्णु के सर पर शोभित होती है ऐसे में अगर मृत्यु के समय मृतक के मुंह में अगर तुलसी और गंगाजल डाल दिया जाए तो उसे यमदान का सामना नहीं करना पड़ता |

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