IND VS AUS : एक मैच में 7 विकेट लेने वाले मोहम्मद शमी के बचपन की आर्थिक स्थिति को जानकर हैरान हो जाएंगे

IND VS AUS : बुधवार को इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 का सेमी फाइनल मुकाबला खेला गया पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 397 रन बनाए वही सेमी फाइनल मुकाबले को जीतने और वर्ल्ड कप 2023 फाइनल खेलने के लिए न्यूजीलैंड को 398 रन बनाना था भारत की तरफ से खेल रहे हैं मोहम्मद शमी ने न्यूजीलैंड के पहले ही दो विकेट गिरकर भारत को फाइनल तक का रास्ता दिखा दिया और भारतीय फैंस को लगा की भारत सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर एक नया रिकार्ड बनाने जा रहा है लेकिन तभी न्यूजीलैंड की तरफ से खेलने उतरे न्यूजीलैंड के कप्तान और उनके साथी ने भारतीय गेंदबाजी को कड़ी चुनौती दी और एक समय तो ऐसा आया जब भारतीय फैंस को लगा कि न्यूजीलैंड इस मुकाबले को जीत जाएगा लेकिन तभी भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने न्यूजीलैंड को हराने का भार मोहम्मद शमी को दिया फिर क्या था बोल मिलते ही शमी ने पहले न्यूजीलैंड के कप्तान को आउट किया और उसके बाद न्यूजीलैंड के तीन अन्य प्लेयर को आउट करके उन्होंने IND VS NZ SEMI FINAL WC 2023 में कुल 7 विकेट लिए 

क्या IND VS AUS WC FINAL 2023 में खेलेंगे मोहम्मद शमी?

क्रिकेट वर्ल्ड कप के शुरुआती दौर में मोहम्मद शमी को लेकर कई खबरें आई कई लोग कह रहे थे कि मोहम्मद शमी प्लेइंग 11 में नहीं देखेंगे लेकिन भारत ने उन्हें प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका दिया और उन्होंने उस मौके को पाकर एक नया इतिहास बना दिया पिछले मैच में उन्होंने 7 विकेट लेकर फाइनल में अपनी सीट पक्की कर ली और मोहम्मद शमी IND VS AUS WC FINAL 2023 में खेलते हुए जरूर दिखेंगे 

एक मैच में 7 विकेट लेने वाले मोहम्मद शमी के बचपन की आर्थिक स्थिति?

मोहम्मद शमी के जीवन की कहानी उस फिल्म के हीरो की तरह है जिसमें किसी व्यक्ति के सफलता की कहानी को दिखाया जाता है उनकी जीवनी प्रेरणा से भर देने वाली है दरअसल मोहम्मद शमी के पिता खुद एक फास्ट बॉलर बनना चाहते थे और उसके लिए उन्होंने कठिन परिश्रम भी किया लेकिन घर की आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण उन्हें अपने उस सपने को छोड़ मजदूरी और खेती का काम संभालना पड़ा यह काम करते हुए उनके दिल में उनका वह फास्ट बॉलर बनने का ख्वाब अब भी था और इसीलिए उन्होंने मोहम्मद शमी को फास्ट बॉलर बनाने का जिद ठान लिया मोहम्मद शमी भी अपने पिता के इस सपना को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने लगे शुरुआती 15 साल तक उन्हें अपने पिता से ही ट्रेनिंग मिली लेकिन बाद में उनके पिता ने उन्हें एक कोच भी दिलवा दिया और इसी तरह मोहम्मद शमी अपनी कठिन परिश्रम के दम पर आज भारतीय टीम के लिए खेलते हुए अपने पिता के सपना को पूरा कर रहे हैं इस तरह के और भी प्रेरणादायक कहानी को पढ़ने के लिए आप हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को भी ज्वाइन कर लीजिए

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